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कुआलालम्पुरः एएफसी अध्यक्ष मोहम्मद बिन हम्माम ने कहा है कि एएफसी इंडोनेशियाई फुटबॉल के स्वर्णिम दिनों को वापस लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा। इंडोनेशियाई फुटबॉल के प्रशंसक बिन हम्माम यहाँ एएफसी मुख्यालय में फुटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडोनेशिया (पीएसएसआय) के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। इस आसियान देश में फुटबॉल की प्रतिभाओं को देखते हुए बिन हम्माम ने कहा - 'मेरे लिए इंडोनेशिया एशिया का ब्राजील है। परंपरागत रूप से इंडोनेशियाई टीम तगड़ी रही है मगर दुर्भाग्य से ऊँचे स्तर के खिलाड़ी अभी नहीं निकल रहे है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका देकर बड़े स्तर तक पहुँचाने का रास्ता निकालना पड़ेगा।' 'फुटबॉल के स्तर में सुधार के लिए एएफसी इंडोनेशिया की मदद के लिए तैयार है। मुझे लगता है कि वहाँ विज़न एशिया से फायदा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जल्द ही बांडुंग तथा योग्यकर्ता में शुरू होने वाला है।' एएफसी चैम्पियंस लीग में खिलाड़ियों की पंजीयन में देरी के कारण निकाले गए दो इंडोनेशियाई क्लबों - अरेमा मलांग तथा पर्सिपुरा जयापुरा - की ओर इशारा करते हुए बिन हम्माम ने कहा कि एएफसी के नियम कायदों का पालन करना भी जरूरी है। 'अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। मुझे आशा है कि इस निर्णय से यह सबक मिला होगा कि एएफसी ऐसी चीजें भविष्य में बर्दाश्त नहीं करेगा। हमें एशियाई क्लब फुटबॉल के प्रशासन को भी पेशेवर बनाना है।' महासचिव नुग्राहा बेसोएस के नेतृत्व में २८ सदस्यीय पीएसएसआय प्रतिनिधिमंडल फीफा तथा एएफसी के विधान, प्रशासन, ढांचे तथा फुटबॉल विकास के अध्ययन के लिए एक दिवसीय दौरे पर था। मलेशिया, थाईलैंड तथा वियतनाम के साथ इंडोनेशिया भी एएफसी एशियन कप २००७ का एक संयुक्त मेजबान है। इंडोनेशिया में फुटबॉल विकास के लिए विज़न इंडोनेशिया के तहत दो शहरों - बांडुंग तथा योग्यकर्ता - में प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन जल्द होने वाला है।
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