|
कुआलालम्पुरः इंडोनेशिया फुटबॉल एसोसिएशन (पीएसएसआय) अध्यक्ष नुरदिन हालिद की अगुवाई में वहाँ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज एएफसी मुख्यालय में एएफसी अध्यक्ष मोहम्मद बिन हम्माम से भेंट की। बैठक के बाद नुरदिन ने वहाँ हाल में आयोजित एएफसी एशियन कप को देश के फुटबॉल को नई दिशा देने वाला बताया। एएफसी एशियन कप इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम में संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इंडोनेशिया ने पहले मैच में बहरीन को २-१ से हराकर उलटफेर किया था मगर वे सऊदी अरब के हाथों उसी स्कोर से हार गए थे। तीसरे मैच में दक्षिण कोरिया के हाथों १-० की हार ने उनका अगले दौर में जाने का सपना चकनाचूर कर दिया था। नुरदिन ने कहा - 'अगले दौर में न जा पाने के कारण मुझे निराशा जरूर हुई मगर मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।' इस हार के बाद भी नुरदिन का मानना है कि एएफसी एशियन कप में भाग लेने से इंडोनेशिया को फायदा पहुँचा है और देश के फुटबॉल का भविष्य उज्वल है। अप्रैल २००७ में एक बार पुनः निर्विरोध संघ के अध्यक्ष चुने गए नुरदिन ने कहा - 'एएफसी एशियन कप के बाद इंडोनेशियाई फुटबॉल का भविष्य उज्वल है। अभी स्थानीय मुकाबलों में दर्शकों की संख्या भी बढ़ी है।' नुरदिन का मानना है कि देश की जनसंख्या, मीडिया और प्रशंसकों में खेल के प्रति बढ़ती रूचि तथा सरकार और प्रायोजकों के समर्थन से इंडोनेशिया वर्ष २०२० तक एशियाई फुटबॉल की महाशक्ति होगा।' 'एशिया की श्रेष्ठ टीमों में २०२० तक आना हमारा ध्येय है। मार्च २००८ में पूरी तरह पेशेवर इंडोनेशिया सुपर लीग की स्थापना के बाद से इंडोनेशियाई फुटबॉल प्रगति करेगा।' नुरदिन का मानना है कि अब एएफसी के विज़न एशिया प्रोग्राम के अंतर्गत विज़न इंडोनेशिया प्रोजेक्ट को भी फिर से शुरू करने का समय आ गया है। 'मैने व्यक्तिगत रूप से विज़न इंडोनेशिया प्रोजेक्ट का अध्ययन किया है और मैं इससे काफी प्रभावित हूँ। मुझे लगता है कि एएफसी एशियन कप की सफलता के बाद विज़न एशिया प्रोजेक्ट को भी फिर से शुरू करने का यह सही समय है।'
|